Breaking News
₹15,000 करोड़ की लागत से बनेगा नया इमरजेंसी ऑयल रिजर्व, युद्ध या संकट में 11 दिन तक मिलेगी राहत

ईरान युद्ध और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नया रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserve) बनाने का फैसला किया है।

इस परियोजना पर करीब ₹15,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे और इसका निर्माण कर्नाटक के मंगलुरु में किया जाएगा।

सरकार ने इस परियोजना की जिम्मेदारी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ONGC को सौंपी है। प्रस्तावित रिजर्व की क्षमता 1.75 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) होगी। इसमें लगभग ₹5,000 करोड़ निर्माण कार्य पर और करीब ₹10,000 करोड़ कच्चा तेल खरीदकर भंडारण करने पर खर्च होने का अनुमान है।

विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के बाद लिया गया है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, ऐसे में किसी युद्ध, भू-राजनीतिक संकट या वैश्विक आपूर्ति व्यवधान की स्थिति में यह रिजर्व देश के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा।

वर्तमान में भारत के पास 5.33 MMT की रणनीतिक तेल भंडारण क्षमता है। नया रिजर्व बनने के बाद देश की आपातकालीन भंडारण क्षमता में लगभग एक-तिहाई की बढ़ोतरी होगी। रिपोर्टों के मुताबिक यह अतिरिक्त भंडारण क्षमता देश को करीब 11 दिनों तक तेल उपलब्ध कराने में मदद कर सकती है, जिससे किसी भी आपूर्ति संकट का प्रभाव कम होगा।

सरकार का मानना है कि भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। ऐसे में यह निवेश भारत को वैश्विक तेल बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव और संकटों से बेहतर तरीके से निपटने में सक्षम बनाएगा।

Page Source :- Google, ChatGPT, Social Media, more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *