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CBSE 12वीं के छात्रों को राहत: वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन की अंतिम तारीख 7 जून तक बढ़ी, साइबर अटैक मामले में FIR दर्ज

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12 के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए उत्तर पुस्तिकाओं के वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है।

पहले यह प्रक्रिया 6 जून तक निर्धारित थी, लेकिन तकनीकी समस्याओं और पोर्टल पर बढ़ते दबाव को देखते हुए अब छात्र 7 जून तक आवेदन कर सकेंगे। यह फैसला उन छात्रों की शिकायतों के बाद लिया गया, जिन्हें पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल तक पहुंचने में परेशानी हो रही थी।

इसी बीच CBSE के पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल पर लगातार साइबर अटैक के प्रयास सामने आए हैं। बोर्ड के अनुसार, पोर्टल पर लाखों संदिग्ध हिट्स और अनधिकृत एक्सेस की कोशिशें दर्ज की गईं।

मामले को गंभीरता से लेते हुए CBSE ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र का संवेदनशील डेटा लीक नहीं हुआ है और पोर्टल की सुरक्षा बरकरार है।

CBSE ने छात्रों से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। बोर्ड का कहना है कि तकनीकी टीम लगातार पोर्टल की निगरानी कर रही है ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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SI भर्ती री-एग्जाम में पेपर लीक रोकने के लिए 8 बड़े बदलाव, 2.30 लाख अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा

राजस्थान में बहुचर्चित सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 की पुनर्परीक्षा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।

पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बाद रद्द की गई भर्ती परीक्षा अब नए सुरक्षा प्रबंधों के साथ आयोजित होगी। इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए 8 बड़े बदलाव लागू किए गए हैं।

री-एग्जाम में केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा जिन्होंने पहले परीक्षा दी थी। करीब 6 लाख से अधिक अभ्यर्थियों में से लगभग 2.30 लाख उम्मीदवारों ने पुनर्परीक्षा से दूरी बना ली है। इसके चलते अभ्यर्थियों की संख्या में बड़ी कमी आई है।

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पहले जहां परीक्षा तीन दिनों में आयोजित करने की योजना थी, वहीं अब इसे केवल एक ही दिन में कराया जाएगा। इसके अलावा बायोमेट्रिक सत्यापन, लाइव फोटो कैप्चर, कड़ी निगरानी, विशेष सुरक्षा व्यवस्था, डिजिटल मॉनिटरिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई जैसे उपाय किए जाएंगे।

परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन की विशेष निगरानी रहेगी ताकि किसी भी प्रकार की नकल या पेपर लीक की आशंका को खत्म किया जा सके।

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने स्पष्ट किया है कि री-एग्जाम का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता स्थापित करना और योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर देना है। पेपर लीक प्रकरण के बाद सरकार और आयोग पर उठे सवालों के बीच यह परीक्षा प्रशासन के लिए भी एक बड़ी परीक्षा मानी जा रही है।

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