OMR शीट में फर्जीवाड़ा कर हासिल की नौकरी: स्कैनिंग के दौरान अंकों में हेराफेरी, SOG ने दो अभ्यर्थियों को पकड़ा
सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता पर सवाल खड़े करने वाले एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है।
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने OMR शीट में कथित फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल करने वाले दो अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि परीक्षा के दौरान प्राप्त वास्तविक अंकों और स्कैनिंग के बाद रिकॉर्ड में दर्ज अंकों में अंतर पाया गया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार एक अभ्यर्थी के वास्तविक अंक 4 थे, जबकि रिकॉर्ड में उसे अधिक अंक दर्शाकर चयनित कर लिया गया। इसी प्रकार दूसरे अभ्यर्थी के मामले में वास्तविक 2 अंक होने के बावजूद स्कैनिंग और डेटा प्रोसेसिंग के दौरान कथित रूप से हेराफेरी कर चयन सुनिश्चित किया गया। मामले की जांच के दौरान दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान किया गया, जिसमें अनियमितताएं सामने आईं।
SOG अधिकारियों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अंकों में बदलाव किस स्तर पर और किन लोगों की मिलीभगत से किया गया। जांच एजेंसी को आशंका है कि इस पूरे मामले में एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।
गिरफ्तार किए गए दोनों अभ्यर्थियों से पूछताछ जारी है। SOG अब भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य संदिग्धों, तकनीकी कर्मियों और बिचौलियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जांच एजेंसियां पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इसी तरह के अन्य मामलों में भी अंकों से छेड़छाड़ कर चयन तो नहीं कराया गया।
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