राजस्थान के 8 जिलों में डेंगू-मलेरिया का खतरा:स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाई रिस्क एरिया माना; मच्छरों को पनपने से रोकने का आदेश
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले तीन वर्षों के डेंगू और मलेरिया के आंकड़ों की समीक्षा के बाद राजस्थान के 8 जिलों को हाई रिस्क एरिया की श्रेणी में रखा है। इन जिलों में मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
हाई रिस्क श्रेणी में शामिल जिले
- जयपुर
- कोटा
- उदयपुर
- बाड़मेर
- बीकानेर
- दौसा
- श्रीगंगानगर
- एक अन्य जिला भी सूची में शामिल है, जिसे राज्य स्वास्थ्य विभाग की निगरानी सूची में रखा गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश
- जिन क्षेत्रों में पानी जमा है, वहां मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
- नियमित फॉगिंग और एंटी-लार्वा गतिविधियां तेज की जाएं।
- बुखार के मरीजों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए।
- लोगों को घरों और आसपास पानी जमा न होने देने के लिए जागरूक किया जाए।
क्यों बढ़ा खतरा?
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जिन जिलों में पिछले वर्षों में 500 या उससे अधिक डेंगू या मलेरिया के मामले सामने आए, उन्हें हाई रिस्क सूची में रखा गया है। कमजोर मानसून और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति को देखते हुए इन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों में पानी जमा न होने दें, पूरी बांह के कपड़े पहनें, मच्छरदानी या रिपेलेंट का उपयो
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