घड़ियाल के बच्चों का होगा संरक्षण, 180 से ज्यादा शिफ्ट किए: हैचलिंग्स रियरिंग सेंटर में होगी देखभाल, बारिश के बाद नदी में छोड़े जाएंगे
राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में घड़ियाल संरक्षण अभियान के तहत वन विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। चंबल नदी के किनारे से निकले 180 से अधिक घड़ियाल शावकों (हैचलिंग्स) को सुरक्षित रूप से रियरिंग सेंटर में शिफ्ट किया गया है, जहां उनकी विशेष देखभाल की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, इन बच्चों को तब तक संरक्षित रखा जाएगा जब तक वे प्राकृतिक वातावरण में जीवित रहने के लिए पर्याप्त रूप से सक्षम नहीं हो जाते।
वन विभाग ने बताया कि घड़ियालों के अंडों और नवजात बच्चों को बाढ़, शिकारी जीवों तथा अन्य प्राकृतिक खतरों से बचाने के लिए उन्हें हैचलिंग्स रियरिंग सेंटर में रखा गया है। यहां उनके भोजन, स्वास्थ्य और विकास की नियमित निगरानी की जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून के दौरान नदी का जलस्तर स्थिर होने और अनुकूल परिस्थितियां बनने के बाद इन घड़ियाल शावकों को वापस चंबल नदी में छोड़ा जाएगा। इससे उनकी जीवित रहने की संभावना बढ़ेगी और दुर्लभ घड़ियाल प्रजाति के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
घड़ियाल विश्व की सबसे दुर्लभ मगर प्रजातियों में से एक है और इसका प्रमुख प्राकृतिक आवास चंबल नदी मानी जाती है। लगातार संरक्षण प्रयासों के कारण हाल के वर्षों में चंबल क्षेत्र में घड़ियालों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है, जिसे वन्यजीव संरक्षण की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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