45 क्विंटल आटा और 25 क्विंटल गुड़ से बनी प्रसादी, ज्ञान यज्ञ महोत्सव में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
धार्मिक आस्था और भक्ति के माहौल के बीच आयोजित ज्ञान यज्ञ महोत्सव भव्य रूप से संपन्न हुआ। महोत्सव के दौरान विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
जिसमें प्रसादी तैयार करने के लिए करीब 45 क्विंटल आटा और 25 क्विंटल गुड़ का उपयोग किया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसादी ग्रहण कर धर्म लाभ लिया। आयोजन स्थल पर सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।
महोत्सव में संत-महात्माओं के प्रवचन, धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और यज्ञ कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में यज्ञ में आहुतियां देकर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा और धार्मिक आयोजनों में लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि महाप्रसादी की तैयारी कई दिनों पहले शुरू कर दी गई थी। 45 क्विंटल आटा और 25 क्विंटल गुड़ से विशेष प्रसाद तैयार किया गया, जिसे श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। भंडारे में हजारों लोगों ने एक साथ भोजन ग्रहण किया। व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की विशेष टीम तैनात रही।
ज्ञान यज्ञ महोत्सव के दौरान दूर-दराज के गांवों और शहरों से भी श्रद्धालु पहुंचे। धार्मिक प्रवचनों में संतों ने समाज में सद्भाव, संस्कार और मानव सेवा का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं को नशामुक्ति, शिक्षा और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का आह्वान किया।
महोत्सव के समापन अवसर पर पूर्णाहुति कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भाग लिया। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन हुआ और श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों और भक्तों का आभार व्यक्त किया।
Page Source :- Google, ChatGPT, Social Media, more

