राजेश पायलट कॉलेज में गुरु वंदन कार्यक्रम:गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया
राजेश पायलट कॉलेज में गुरु वंदन कार्यक्रम: गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर राजेश पायलट राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ (उच्च शिक्षा), राजस्थान की स्थानीय इकाई के तत्वावधान में ‘गुरु वंदन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अपने आचार्यों का तिलक लगाकर सम्मान किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्य अतिथि संस्कृत भारती राजस्थान के क्षेत्र संगठन मंत्री कमल प्रसाद ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। उन्होंने कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन मूल्यों, संस्कारों और विवेक का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसके संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुभाष पहाड़िया ने की। उन्होंने कहा कि गुरु और शिष्य का संबंध श्रद्धा, विश्वास और समर्पण पर आधारित होता है। मुख्य वक्ता हिंदी विभागाध्यक्ष हनुमान प्रसाद मीना ने महर्षि वेदव्यास की परंपरा और भारतीय साहित्य में गुरु की महिमा पर प्रकाश डाला।
महासंघ के इकाई सचिव डॉ. हेमंत कुमार सिंह ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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