डूंगरी बांध के विरोध में महापंचायत, 76 गांवों के लोगों ने आर-पार की लड़ाई का किया ऐलान
राजस्थान में प्रस्तावित डूंगरी बांध परियोजना के विरोध में बड़ी महापंचायत आयोजित की गई। कुशालसिंह बाबा देवस्थान पर आयोजित इस महापंचायत में 76 गांवों के ग्रामीण, किसान और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।
बैठक में बांध परियोजना का विरोध करते हुए आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया।
महापंचायत में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि डूंगरी बांध बनने से कई गांव प्रभावित होंगे और लोगों की जमीन, खेती तथा आजीविका पर असर पड़ेगा। ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना को लेकर उनकी आपत्तियों और मांगों को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है।
सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार ने परियोजना को लेकर पुनर्विचार नहीं किया तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। ग्रामीणों ने इसे “आर-पार की लड़ाई” बताते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
महापंचायत में विभिन्न गांवों के प्रतिनिधियों ने एकजुटता दिखाते हुए आंदोलन को मजबूत बनाने की रणनीति पर चर्चा की। कई वक्ताओं ने कहा कि प्रभावित परिवारों की सहमति और उचित समाधान के बिना परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से मांग की कि डूंगरी बांध परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं पर पारदर्शिता बरती जाए और प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए। महापंचायत के बाद आंदोलन को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
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