अब ज्वेलर्स के पास भी जमा कर सकेंगे सोना: नई गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम की तैयारी, 2.5% तक ब्याज मिलने की संभावना
केंद्र सरकार गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (Gold Monetisation Scheme – GMS) को नए स्वरूप में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।
प्रस्तावित योजना के तहत अब लोग बैंकों के साथ-साथ अधिकृत ज्वेलर्स (सर्राफा कारोबारियों) के पास भी अपना सोना जमा कर सकेंगे। इस पर 2.5% तक सालाना ब्याज मिलने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य घरों और संस्थानों में निष्क्रिय पड़े सोने को आर्थिक गतिविधियों में लाना और सोने के आयात पर निर्भरता कम करना है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई व्यवस्था में अधिकृत ज्वेलर्स ‘कलेक्शन पार्टनर’ की भूमिका निभाएंगे।
वे ग्राहकों से सोना लेकर उसकी शुद्धता की जांच करवाएंगे और निर्धारित प्रक्रिया के बाद उसे योजना के तहत जमा करेंगे। इससे लोगों को बैंक तक जाने की आवश्यकता कम होगी और योजना में भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि देश के घरों और मंदिरों में हजारों टन सोना निष्क्रिय पड़ा है। यदि इसका उपयोग बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली में किया जाए तो सोने के आयात पर होने वाला खर्च कम होगा, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
पिछली गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी, इसलिए इस बार प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
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