पाकिस्तानी बहू बनकर भारत की जासूसी करने वाली सहमत की कहानी, जिसने बचाया था INS विक्रांत
वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारतीय खुफिया तंत्र की एक ऐसी महिला जासूस की कहानी आज भी साहस और देशभक्ति की मिसाल मानी जाती है।
कश्मीरी युवती सहमत खान ने भारत के लिए जासूसी मिशन के तहत अपने निजी जीवन का बलिदान दिया और एक पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी से शादी कर दुश्मन देश में रहकर अहम खुफिया जानकारियां भारत तक पहुंचाईं।
बताया जाता है कि सहमत ने पाकिस्तान की नौसैनिक रणनीति से जुड़ी गोपनीय जानकारी बेहद जोखिम उठाकर भारत भेजी। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने घर के वॉशरूम में छिपे ट्रांसमीटर के जरिए संदेश भेजे थे।
इन्हीं सूचनाओं के आधार पर भारतीय नौसेना को INS विक्रांत पर संभावित हमले की योजना का समय रहते पता चला, जिससे युद्ध के दौरान भारत को महत्वपूर्ण रणनीतिक बढ़त मिली।
सहमत खान की कहानी पर लेखक हरिंदर सिक्का ने “Calling Sehmat” नामक उपन्यास लिखा, जिस पर आधारित वर्ष 2018 में फिल्म “राज़ी” बनी।
फिल्म में अभिनेत्री आलिया भट्ट ने सहमत का किरदार निभाया था। हालांकि फिल्म में कुछ घटनाओं को सिनेमाई रूप दिया गया है, लेकिन इसकी प्रेरणा सहमत के वास्तविक मिशन से मानी जाती है।
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