सैनी समाज की 12% आरक्षण की मांग को लेकर बैठक, एक महीने बाद रेलवे ट्रैक जाम करने की चेतावनी
सैनी, माली, कुशवाहा, शाक्य और मौर्य समाज के प्रतिनिधियों की बैठक में 12 प्रतिशत अलग आरक्षण सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया।
समाज के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि एक महीने के भीतर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक जाम कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि समाज लंबे समय से आरक्षण, कल्याण बोर्ड गठन, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं निकला है।
इस कारण समाज में व्यापक नाराजगी है। बैठक में प्रदेशभर से आए प्रतिनिधियों ने आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाने और समाज को एकजुट करने का संकल्प लिया।
समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में सैनी-माली-कुशवाहा समाज को 12 प्रतिशत आरक्षण, महात्मा ज्योतिबा फुले कल्याण बोर्ड का गठन, छात्रावास निर्माण, शिक्षा एवं रोजगार में विशेष अवसर सहित कुल 11 मांगें शामिल हैं। नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते वार्ता नहीं की तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि आगामी एक महीने तक जिला और तहसील स्तर पर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
इसके बाद मांगें नहीं मानी गईं तो रेलवे ट्रैक जाम सहित बड़े स्तर के विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। समाज के नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन मांगों को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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