3000 लीटर संदिग्ध दूध से भरी पिकअप पकड़ी, ड्राइवर डिटेन; सैंपल जांच के बाद मौके पर कराया नष्ट
दौसा जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में करीब 3000 लीटर संदिग्ध दूध से भरी एक पिकअप वाहन को पकड़ा गया।
कार्रवाई के दौरान दूध में बदबू और खट्टापन पाए जाने पर अधिकारियों ने वाहन को रोककर जांच की। प्राथमिक जांच में दूध की गुणवत्ता संदिग्ध मिलने पर चालक को डिटेन कर लिया गया और दूध के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए।
अधिकारियों के अनुसार पिकअप में बड़ी संख्या में ड्रमों में दूध भरा हुआ था। जांच के दौरान दूध से तेज दुर्गंध आने और खराब होने के संकेत मिलने पर खाद्य सुरक्षा टीम को मौके पर बुलाया गया।
टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत नमूने एकत्र किए और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पूरे दूध को मौके पर ही नष्ट करा दिया।
प्रारंभिक पूछताछ में चालक दूध को दूसरे जिले में सप्लाई करने की बात बता रहा था, लेकिन दस्तावेजों और गुणवत्ता को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद वाहन को जब्त कर लिया गया और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यदि प्रयोगशाला जांच में दूध अमानक या मिलावटी पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि दूध एवं खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्रशासन को दें।
हाल के दिनों में राजस्थान में मिलावटी और अमानक दूध के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। प्रशासन का कहना है कि आम लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
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