प्रेमानंद जी महाराज का भावुक संदेश: “मैं रहूं न रहूं, हमेशा साथ रहूंगा”, 9 दिन से पदयात्रा बंद
वृंदावन के प्रसिद्ध संत Premanand Ji Maharaj ने अपने भक्तों के लिए एक भावुक संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि “मैं रहूं न रहूं, हमेशा साथ रहूंगा”, साथ ही भक्तों से आग्रह किया कि मेरी चिंता छोड़कर श्रीजी (राधा रानी) का ध्यान करें।
बताया जा रहा है कि तबीयत बिगड़ने के कारण पिछले 9 दिनों से उनकी रात्रि पदयात्रा बंद है और फिलहाल वे सार्वजनिक रूप से दर्शन भी नहीं दे रहे हैं। इस वजह से वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं में चिंता और मायूसी का माहौल है।
आश्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए पदयात्रा और दर्शन कार्यक्रम को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। पहले भी उनकी तबीयत को लेकर ऐसी स्थितियां बन चुकी हैं, जिसके चलते नियमित डायलिसिस तक की खबरें सामने आई थीं।
रोजाना हजारों श्रद्धालु उनके दर्शन और पदयात्रा के लिए वृंदावन पहुंचते थे। लेकिन कार्यक्रम बंद होने के बाद भक्तों की भीड़ कम हो गई है और कई लोग निराश होकर लौट रहे हैं।
आश्रम प्रबंधन ने भक्तों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और संत के स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना करें। साथ ही भीड़ न लगाने और शांति बनाए रखने की सलाह दी गई है।
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