मेहंदीपुर बालाजी क्षेत्र में लेपर्ड की दहशत: नाहरखोहरा गांव में पशु का शिकार, ग्रामीणों ने वन विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप
राजस्थान के दौसा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक क्षेत्र मेहंदीपुर बालाजी में इन दिनों लेपर्ड (पैंथर) की लगातार बढ़ती मूवमेंट से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। क्षेत्र के नाहरखोहरा गांव में देर रात लेपर्ड ने एक पालतू पशु को अपना शिकार बना लिया, जिसके बाद पूरे गांव में भय का वातावरण फैल गया।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से इलाके में पैंथर की आवाजाही लगातार देखी जा रही है, लेकिन वन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, देर रात गांव के बाहरी इलाके में बंधे पशु पर लेपर्ड ने हमला कर दिया। पशु की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक लेपर्ड शिकार कर चुका था।
घटना के बाद लोगों ने मशाल और डंडों के सहारे पूरे क्षेत्र में निगरानी शुरू कर दी। कई परिवारों ने बच्चों और बुजुर्गों को घरों से बाहर निकलने से रोक दिया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने पहले भी कई बार वन विभाग को क्षेत्र में लेपर्ड की गतिविधियों की जानकारी दी थी। इसके बावजूद विभाग ने न तो पिंजरा लगाया और न ही रेस्क्यू टीम तैनात की। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
बताया जा रहा है कि मेहंदीपुर बालाजी, नाहरखोहरा और आसपास की पहाड़ियों में पिछले कुछ महीनों से पैंथर का मूवमेंट लगातार बढ़ा है। इससे पहले भी कई पालतू जानवरों और कुत्तों का शिकार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुछ मामलों में CCTV फुटेज भी सामने आए हैं, जिनमें लेपर्ड आबादी क्षेत्र में घूमता दिखाई दिया।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र पहाड़ी और जंगलों से घिरा हुआ है, जो पैंथर का प्राकृतिक आवास माना जाता है। भोजन और पानी की तलाश में वन्यजीव कई बार आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं। विभाग ने ग्रामीणों से रात के समय सतर्क रहने, अकेले बाहर नहीं निकलने और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधने की अपील की है।
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