मिड-डे मील में चिकन बिरयानी! जयललिता, MGR के बाद CM विजय रच सकते हैं नया इतिहास
मिड-डे मील में चिकन बिरयानी! जयललिता, MGR के बाद CM विजय रच सकते हैं नया इतिहास
तमिलनाडु सरकार स्कूली बच्चों के मिड-डे मील (पोषण आहार) में समय-समय पर पोषण बढ़ाने के लिए नए बदलावों पर विचार कर रही है। इसी कड़ी में चिकन बिरयानी को विशेष अवसरों या निर्धारित दिनों में मेन्यू में शामिल किए जाने की चर्चा ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस छेड़ दी है। हालांकि, सरकार की ओर से इसकी विस्तृत आधिकारिक रूपरेखा का इंतजार है।
राज्य में स्कूल पोषण योजनाओं का लंबा इतिहास रहा है। इसकी शुरुआत 1956 में तत्कालीन मुख्यमंत्री के. कामराज ने की थी। बाद में पूर्व मुख्यमंत्री एम. जी. रामचंद्रन (MGR) ने 1982 में इसे व्यापक रूप देकर न्यूट्रिशियस मील स्कीम का विस्तार किया। इसके बाद जे. जयललिता ने भी इस योजना में पोषण संबंधी कई सुधार किए।
अब मुख्यमंत्री थलपति विजय यदि बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए मिड-डे मील में चिकन बिरयानी जैसी नई पहल लागू करते हैं, तो इसे राज्य की स्कूली पोषण योजनाओं में एक बड़ा बदलाव माना जा सकता है। इससे वे MGR और जयललिता की सामाजिक कल्याण योजनाओं की विरासत को नए रूप में आगे बढ़ाने वाले नेता के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर सकते हैं।
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