भारतीय शेयर बाजार को ताइवान ने छोड़ा पीछे: AI और चिप सेक्टर की तेजी से मार्केट कैप ₹415 लाख करोड़ पार
वैश्विक शेयर बाजारों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ताइवान ने भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर बाजार बनने का दर्जा हासिल कर लिया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर सेक्टर में आई जबरदस्त तेजी के चलते ताइवान का कुल मार्केट कैप ₹415 लाख करोड़ (करीब 4.95 ट्रिलियन डॉलर) से ऊपर पहुंच गया, जबकि भारतीय शेयर बाजार की कुल वैल्यू करीब ₹413 लाख करोड़ (4.92 ट्रिलियन डॉलर) रह गई।
विशेषज्ञों के अनुसार ताइवान की इस बड़ी छलांग के पीछे सबसे बड़ा कारण Taiwan Semiconductor Manufacturing Company (TSMC) का शानदार प्रदर्शन है। दुनिया की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी TSMC के शेयरों में इस साल करीब 49% तक की तेजी दर्ज की गई है। AI टेक्नोलॉजी, डेटा सेंटर, क्लाउड कंप्यूटिंग और हाई-एंड चिप्स की बढ़ती मांग ने ताइवान के टेक सेक्टर को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।
AI बूम के कारण दुनियाभर के निवेशक अब उन देशों की ओर रुख कर रहे हैं जो चिप निर्माण और टेक हार्डवेयर में मजबूत पकड़ रखते हैं। ताइवान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री पर आधारित रही है और TSMC जैसी कंपनियां वैश्विक टेक कंपनियों के लिए चिप सप्लाई का सबसे बड़ा केंद्र बन चुकी हैं। Nvidia, AMD, Apple और Qualcomm जैसी कंपनियां ताइवान की चिप इंडस्ट्री पर काफी हद तक निर्भर हैं।
वहीं भारतीय शेयर बाजार हाल के महीनों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण दबाव में रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार विदेशी निवेशकों ने इस साल भारतीय बाजार से अरबों डॉलर निकाले हैं और एशिया के टेक-ड्रिवन बाजारों की ओर निवेश बढ़ाया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत है, लेकिन AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर में ताइवान जैसी बढ़त नहीं होने के कारण निवेशकों का फोकस पूर्वी एशिया की ओर शिफ्ट हो रहा है।
Page Source :- Google, Social Media, ChatGPT, more

