पेट्रोलियम मंत्री का बड़ा बयान: भारत के पास 76 दिनों का फ्यूल स्टॉक, तेल कंपनियों को रोज ₹600-700 करोड़ का नुकसान
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि भारत के पास वर्तमान में 76 दिनों की ईंधन (फ्यूल) आवश्यकता के बराबर भंडार उपलब्ध है, जिससे किसी भी वैश्विक संकट या आपूर्ति बाधा की स्थिति में देश की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया कि पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है।
मंत्री के अनुसार, देश के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves) और तेल कंपनियों के वाणिज्यिक स्टॉक को मिलाकर यह भंडारण क्षमता तैयार की गई है। इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर सीमित करने में मदद मिलती है।
हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह भी बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को मौजूदा परिस्थितियों में हर दिन लगभग ₹600 करोड़ से ₹700 करोड़ तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू कीमतों के बीच अंतर इसके प्रमुख कारणों में शामिल है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव और बढ़ सकता है। इसके बावजूद सरकार और कंपनियां ईंधन आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
भारत दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देशों में शामिल है और अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में पर्याप्त भंडार बनाए रखना देश की ऊर्जा नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और अन्य ईंधनों की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है तथा आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।
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