देश में पहली बार डॉग्स को मिल रही वन्यजीव तस्करों को पकड़ने की ट्रेनिंग
देश में पहली बार डॉग्स को मिल रही वन्यजीव तस्करों को पकड़ने की ट्रेनिंग
भारत में पहली बार विशेष रूप से प्रशिक्षित डिटेक्शन डॉग्स को वन्यजीव तस्करी रोकने के लिए तैयार किया जा रहा है। इन डॉग्स को बाघ, तेंदुआ, हाथी, पैंगोलिन समेत अन्य वन्यजीवों के अंगों, खाल, हड्डियों और उनसे जुड़े उत्पादों की गंध पहचानकर तस्करों तक पहुंचने की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। यह पहल देश में बढ़ते वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इन प्रशिक्षित डॉग्स को एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, बॉर्डर चेकपोस्ट और जंगलों में चलाए जाने वाले विशेष अभियान में तैनात किया जाएगा। इनकी सूंघने की क्षमता के जरिए छिपाकर ले जाए जा रहे वन्यजीव अंगों और अवैध सामान का आसानी से पता लगाया जा सकेगा।
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से वन्यजीव अपराध नियंत्रण एजेंसियों की क्षमता बढ़ेगी और अंतरराज्यीय तथा अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। आधुनिक तकनीक के साथ प्रशिक्षित डॉग्स का उपयोग वन्यजीव संरक्षण को नई मजबूती देगा।
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