विधायक रविन्द्र सिंह भाटी के कदम से गरमाई थार की राजनीति, गहलोत-जूली और डोटासरा ने दिखाया सॉफ्ट नजरिया
रविन्द्र सिंह भाटी के हालिया कदम के बाद राजस्थान, खासकर थार क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। बाड़मेर के गिरल माइंस आंदोलन के दौरान भाटी द्वारा विरोध प्रदर्शन में खुद पर पेट्रोल छिड़कने की घटना ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
इस घटनाक्रम के बाद सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी चर्चा का विषय बन गई हैं।
जानकारी के अनुसार, गिरल लिग्नाइट माइंस से जुड़े मजदूरों की मांगों को लेकर आंदोलन चल रहा था। इसी दौरान विधायक रविन्द्र सिंह भाटी बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब उन्होंने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस और अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाल लिया।
इस घटना के बाद कांग्रेस नेताओं का रवैया भी काफी नरम दिखाई दिया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाटी के प्रति सहानुभूतिपूर्ण बयान दिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि थार क्षेत्र में भाटी की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए विपक्ष भी उनके मुद्दों को नजरअंदाज नहीं करना चाहता।
गिरल माइंस आंदोलन अब केवल मजदूरों का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह थार की राजनीति का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। मजदूरों की स्थायी नौकरी, वेतन और सुरक्षा जैसी मांगों को लेकर आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। विधायक भाटी के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग सामने आ रहे हैं, जिससे राजनीतिक समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं।
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